Hindi poem

शिक्षक !

क्यूं से कैसे तक ले जाते है जो ,
वो है हर जवाब की स्याही !

मेरा मस्तक इनके चरण में हो,
के इनसे ज्ञान की हर बूंद है पाई !

समाज को दिशा दिखाते है वो,
हमारे अस्तित्व की नीव है इन्होंने बनाई !

कोयलो से हीरे बनाते है सौ,
खुशनसीब हो गर इनसे छड़िया है खाई !

हमारी प्रगति में जों खुश होते है वो ,
उनकी हर दांट भी है, दुआ भरी दवाई !

विद्या दान का पुण्य करते हर शिक्षक को,
शत शत नमन और शिक्षक दिन की बेहद बधाई !

– उलुपी

Happy Teacher’s Day to all Respected Teachers 🙏🏻🙏🏻

Photo by JESHOOTS.com from Pexels
Thanks for the pic !

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