Poems !

  • प्यार ❤️

    प्यार महसूस है करते
    ना जता पाते कई..

    बातों से है जताते
    ना कर पाते कई..

    बुनते है वादों में
    ना निभा पाते कई..

    जताते हरकतों से है
    जज्बे ना पाते कई…

    शायरी में है सुनाते
    ना कह पाते कई ..

    आग में अपनी है जलते
    ना जला पाते कई ..

    जज्बातों को जताते है
    सब्र ना पाते कई ..

    प्यार में घुल ही जाते है
    ना साथ पाते कई ..

    साथ पूरा निभाते है
    ना प्यार पाते कई..

    मुकम्मल इश्क है करते
    आधा ही पाते कई ..

    इश्क पूरा निभा जाते
    तो हज्र पाते कई..

    टूट कर है ये संभलते
    साथी फिर पाते कई ..

    प्यार के रूप कई है
    ना समझ पाते कई..

    किस्मत से है बरसता
    ना सह पाते कई..

    जो होगया सच्चा
    ना भुला पाते कई..

    पर कई बार होता है
    ना जान पाते कई..

    टूटने से है घबराते
    ना खिल पाते कई..

    साथ मिलजाए जन्म का
    वो इश्क पाते कई..

    साथ रहने से हाेजाए
    वो प्यार पाते कई..

    इबादत सा वो होजाएं
    ये दुआ पाते कई !


    – उलुपी

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    Happy Valentine’s Day ❤️

  • क़यामत तक !

    आपके वो पहले दीदार से
    शुरू हुई एक हसीन दास्तां ..
    शब्द कम पड़ने लगे,
    दास्ता सुनाते सुनाते ..
    वो आपका आपकी पलकों को हौले से
    उठाना,
    हया मेरी चेहरे पे छोड दिया करता था !
    आपकी उस शरारत भरी हसी से
    मेरा दिन गुजरा करता था !
    वो आपका हलके से मेरे करीब से गुजरना
    दिल की धड़कने तेज किया करता था !
    फिर पलट के आंखो को आंखो से चार करना ,
    मेरी आंखो में चमक छोडा करता था !
    ढूंढता था बहाने मेरा दिल
    आपके करीब आनेके ..
    आपसे रूबरू होनेसे,
    दिल को सुकून मिला करता था !
    जन्नत सा लगता था सारा जहां,
    आपकी बाहो के साए में !
    पूछू उस खुदा से आज मै एक सवाल ..
    अगर यही है जन्नत का एहसास ,
    तो आज से आपके नाम की इबादत होगी
    क़यामत तक.. क़यामत तक !
    – गुंजन

    This poem is written by beautiful writer Dr. Gunjan Bhansali ❤️

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    Thanks for the pic ☺️

  • NO ALONE ME!



    There is a room
    for people to come and stay !
    Where the room is just a corner of my mind !

    There is window
    for butterflies to roam freely !
    Where the window is to stare at what is outside of my mind !

    There is a table
    for books to spread !
    Where the table is a stage, to let knowledge dance with my mind !

    There is a bed
    for body to rest !
    Where the bed is best place for dreams and hormones to fuck with my mind !

    There is a phone
    for thoughts to contact !
    Where the phone is an abbreviation of information which enhances the existence of my mind !

    There is a mirror
    For me to be naked !
    Where the mirror is a proof
    to claim that I can never be alone in the world of my mind !

    – Ulupi

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    Thanks for the pic !

  • इश्क !

    तेरी रूह तक जाने का सफर,
    जो चाह तक रुक सा गया था !

    तुझसे राह में मिलने का पहर,
    पाने की चाह में गुम सा गया था !

    वो लाया ये मंजर है के
    बगावत कर ही लिए !

    ना मांगे दिल से इजाजत,
    महोबत कर ही लिए !

    ना सुलझी भी थी हकीकत,
    इबादत कर ही लिए !

    ना जाने वक्त का कहर,
    जो राहे यूं मुड़ी थी !

    वो अमृत था या फिर जहर,
    उम्मीदे यू जुड़ी थी !

    फिर भी वो राह चलने की
    जुर्रत कर ही लिए !

    लेकर सारी जमानत,
    शरारत कर ही लिए !

    जीकर फिर ईश्क- ए- शहादत,
    शराफत कर ही लिए !

    – उलुपी

  • शक्ति !

    तू प्रेम है, तू मुक्ति है !
    कार्य की तू शक्ति है !
    बुद्धि, धैर्य, तू भक्ति है !
    तू छिनती आसक्ति है !
    मातृत्व की अभिव्यक्ति है !
    लक्ष्मी को जनती युक्ति है !
    आत्मबल की योगिनी
    तू योनी का सम्मान है !
    अष्टभुजा फलदायिनी,
    तू संसार का अभिमान है !
    भेद क्या इसे स्त्री, पुरुष का ?
    कण कण में विराजी शक्ति है !
    नाश करके दुष्टता का ।
    दया, क्षमा से देती मुक्ति है !
    तू घुलजाए स्वभाव में
    तेरी ही आस में हर व्यक्ति है !
    तू मिलजाए हर राह में
    नमन करता यहां हर व्यक्ति है!

    – उलुपी

    शक्ति, भक्ति, मुक्ति, बुद्धि, मातृ, करुणा, क्षमा, प्रेम, आत्मबल, अष्टभुजा, लक्ष्मी, योनी !
    She is these all !
    Energy, devotion, salvation, intelligence, motherhood, forgiveness, empathy, love, self-confidence, self-love. She has eight hands means, she can do amount of work which can be done only if eight hands are used. She is mindfulness required to earn, she is wealth. She is power and respect of vagina!

    Her description and her names show all the thoughts that are needed to attend the mental health and complete well being of a person. She is not limited to any gender or thing. She is everywhere. The most primitive form of all. SHE IS AN ENERGY. Poem on her is just a composition of adjectives and verbs which are needed to be implemented to achieve complete well being of a person.

    Today is ” Ghatasthapna “. And we worship this energy which will ultimately lead to incorporation of all these thoughts in our minds, by repeatedly chanting her names or praising her qualities! My mom says ..Ultimately doing our work with rational use of energy is PUREST way of worshiping her. A very joyful and Happy Navratri ✨ May this Navratri bring a lot of positive energy in everyone’s life ❤️

  • दोस्त : सून ! दोस्त : क्या ?

    भीड़ में खोने का डर
    क्या कम है ?
    जो खुद ही के पाक ख़यालो से
    तू डरने है लगा !

    बहाने लाखो है , एक नहीं
    रुकने के लिए।
    जो रुकने के डर से
    जीतेजी तू मरने है लगा !

    दौड़े गा तोड़कर
    बैसाखियां एहम की तू ,
    तो तेरा डर डरेगा तुझसे
    के तू कुछ करने है लगा !

    दर्द छलावा है सून
    है बहानो का जोगी
    जो खुदमे ही खाली सा है
    उससे तू क्यों भरने है लगा !

    मांझी बन पिछे छूटेगा
    गुजरा पल पानी की तरह
    जो नजरो के आगे आंधी दिखे
    समझले की मंजिल की और तू बढ़ने है लगा !

    -उलुपी

  • शिक्षक !

    क्यूं से कैसे तक ले जाते है जो ,
    वो है हर जवाब की स्याही !

    मेरा मस्तक इनके चरण में हो,
    के इनसे ज्ञान की हर बूंद है पाई !

    समाज को दिशा दिखाते है वो,
    हमारे अस्तित्व की नीव है इन्होंने बनाई !

    कोयलो से हीरे बनाते है सौ,
    खुशनसीब हो गर इनसे छड़िया है खाई !

    हमारी प्रगति में जों खुश होते है वो ,
    उनकी हर दांट भी है, दुआ भरी दवाई !

    विद्या दान का पुण्य करते हर शिक्षक को,
    शत शत नमन और शिक्षक दिन की बेहद बधाई !

    – उलुपी

    Happy Teacher’s Day to all Respected Teachers 🙏🏻🙏🏻

    Photo by JESHOOTS.com from Pexels
    Thanks for the pic !

  • नफरत से कुर्बत तक !

    तेरे बातों से निकली चुभन दिलपे लगी है..
    जो नफरत बढ़ाए ये कैसी दिल्लगी है ?

    हम बातोमे उलझने वाले नहीं है..
    बातोमे ही खयाल सुलझने वाले कहीं है !

    खयालों से नफरत गर दिल में पलेगी..
    कुरबत की राहें फिर कैसे खिलेगी ?

    गर मुद्दों को फैसले बनाके चलोगे..
    हकीकत के सिलसिले से कैसे मिलोगे !

    जो नजर ना आता, उसके कई गवाह है..
    जो नजर आ रहा, वहा कौन रवा है ?

    ये सवाल नहीं किसी जवाब का मोहताज..
    नफरत या प्यार नहीं इसके सरताज !

    पर फिर भी जवाबो तक जाना है जरूरी..
    की पिछली गलतियों को ना दोहराना है जरूरी !

    हकीकत जो दिखती है अधूरी अधूरी..
    तो नफरत क्यूं पाले करने इसे पूरी ?

    हकीकत जो है वो हकीकत रहेगी ।
    चाहे फिर इसमें दुश्मनी या यारी बहेगी !

    आओ फिर करते है अनसुनी कुछ बाते ..
    पाक दिलसे बांटते है नए ख़यालो की सौगातें !

    अपनालो ख़यालो को, ये नहीं कह रहे..
    बस छोड़ो जंजीरे, जिन्हें खयाल है सह रहे !

    आओ मिटाते है दिलसे ये नफरत..
    मुसाफिर से बढ़ाते हैं अब रूहानी कुर्बत !

    - उलुपी

    This poem is dedicated from one way of thinking to another. From one community to another. From one belief system to another. From one religion to another. From one nation to another. From one human to another. Violence is not an option to solve the problems. Violence itself is a problem ! Hatred is like a virus. It is the easiest way to distract us from appropriate solutions. To reach to solutions, discussions and arguments are necessary. Healthy criticism is always required for betterment of each other. But hating someone just beacuse he doesn’t think like you is kind of wasting emotions. Religions are to give us a way of living and not to distract us from progress and solutions! There are going to be different thoughts, different beliefs but hating someone’s belief is not a right way. Justice for anyone’s ill doing should be done in law of court. But hating someone only kills our precious time and energy, which can be used for our progress rather. When our mind has two different thoughts about something, we don’t hate the one which we don’t choose, right ? Then why to hate someone’s thought ? Let it exist or ignore it, like we do with our own. But only if it is hazardous to the humanity or our health then it should be given appropriate answers and tried to be changed with discussions. But hating that someone, only because he has different way of living, is not good for progress of our nation. Let’s not give any external forces chance to divide us !

    Photo by Sadman Chowdhury from Pexels
    Thanks for the pic 🙂

  • मेरे यार !

    तेरी गाली से भी
    होता है, दिल खुश ।
    तेरी इक मुस्कान पे
    कुर्बान है, सब कुछ !

    चाहे हो कहीं भी,
    दुआओ में हमेशा रहता है ।
    जो मिले तो , ” थम जा “
    वक्त ये पल से कहता है !

    छोड़ा है जब जब
    दुनिया ने मेरा साथ ,
    हाथो में हमेशा पाया,
    मैंने तेरा हाथ !

    गलतियां दिखाई तुने
    मिटाके खोकला झांक ।
    पर हौसले को ना होने दिया,
    तुने कभी खाक !

    नसीब से मिलता है,
    ऐसा कोई राही !
    जो तेरे लिए मांगे,
    जो खुशी तुने चाही !

    गर बिछड़ा है कहीं,
    तो जरा सुन ले !
    मन में प्यार है बहोत ,
    तेरे हिस्से का सारा बुन ले !

    बातों से होते है झगडे,
    झगड़ों से बढ़ता है प्यार !
    बस ना जुदा होना ,
    रहना साथ मेरे यार !
    रहना साथ मेरे यार !

    – उलुपी

    Happy friendship day ❤️

    Video credits to inshot app ! Pics in video are taken from internet . Thanks to original sources !

  • नारी !

    नरक से भी बत्तर है,
    जहा नारी का सम्मान नही !

    नारी तेरी जननी है !
    वासना का सामान नही !

    जैसी तेरी करनी है,
    वहा क्षमा का कोई स्थान नहीं !

    बन जाएगी काली गर,
    उस मंजर से तू अनजान नहीं !

    अभीभी समय है बदलजा
    क्या मा का प्यार याद नहीं ?

    स्त्रीत्व अंश तुझमें भी है !
    या अब तू ही इन्सान नहीं ?

    अभीभी समय है सुधरजा !
    ना गुम हो तेरा निशान कहीं !

    – उलुपी

    Photo by Dennis Magati from Pexels
    Thanks !

    This poem is dedicated to every woman out there ! In solidarity with Turkish women and all the women who are struggling to be safe, happy, successful, independent, live, love, shine, love themselves, to feel beautiful and at peace, to dream ! We women are an energy which is needed for existence of mankind ! We all are equal and equally important ! Everyone needs to put that in mind before it’s too late !

  • कोई तो आसपास रहता है !

    कोई हवाओं की तरह बहता है ।
    कोई दीवारों की कानो में कहता है ।
    कोई बन्द दरवाजों में सहता है ।
    आसपास कोई रहता है !

    कोई पास होकर भी जूदा रहता है ।
    कोई दूर होकर भी जुड़ा रहता है ।
    कोई अपने में ही मस्त रहता है ।
    आसपास कोई रहता है !

    कोई तुम्हे पाने बहता है ।
    कोई तुम्हारी राह में रहता है ।
    कोई तुम्हे बुलाके ही रहता है ।
    आसपास कोई रहता है !

    कोई आखो से बाते कहता है ।
    कोई बातो में खामोशी कहता है ।
    सुनो तो हर कोई कुछ कहता है ।
    आसपास जो कोई रहता है !

    - उलुपी

    Photo by Dương Nhân from Pexels
    Thank you for the pic !

    When did we talk to our neighbours last time ? Have we ever read what they wrote through their body language ? Have we ever thought of what they could just say, by looking at our smiling faces and warm approach ? Are we that neighbour ? Can we just call up our neighbour today randomly and ask how they are ? Can we just open our door a little to let them communicate ? May be we will learn something new ! May be we will find some solutions ! May be we will have really good time ! May be we will build a good relation ! May be we will help them finding solution ! Can we talk to that stranger neighbour sitting next to us ? Have we left our limitations of judgement or being judged, to let more doors open ? Have we ever even visited our mind’s neighbouring thoughts ? Where ever we go, there is always going to be someone next to us. All we got to do is communicate !

    https://www.yourquote.in/yourquote-didi-syr/quotes/koii-aas-paas-rhtaa-hai-bj1w64

  • अफसाना !

    कई बार यूं होता है कि,
    अफसाना बातों मै गुम होता है ।

    कभी यादों में घुटता है ।
    कभी रिवाजों में बंधता है ।

    कई बार यूं होता है कि,
    सन्नाटों में टहलता है ।

    कभी हालातों से बहलता है ।
    कभी डर से और पनपता है ।

    कभी यूं भी होता है कि,
    इरादे से डर जाता है ।

    एक आवाज से भरमाता है ।
    बस आंखो से छुप जाता है !

    कभी यूं भी होता है कि, विश्वास से आगे आता है !     

    सच्चाई के आगे फिर झुक जाता है !
    अच्छाई से फिर वो न्याय पाता है !

    कभी फिर यूं भी होता है कि,
    अफसाना एक मिसाल बन जाता है !

    – उलुपी

    Photo by Suzy Hazelwood from Pexels
    Thanks for the pic !

  • कहां चला ?

    चला है यूं आंखों में,
    मंजर तू लेके !
    दिल की पोटली में,
    समंदर सा लेके !

    किस नज़ारे की तरफ
    है बढ़ता चला तू ?
    क्यों समंदर में डूबने की
    साजिश में है तू ?

    संभालना, कहीं ना
    नजरिए डूबा दे !
    गहराई से बचना
    ना जरिए दगा दे !

    किस मोड़ पे थमना,
    ये तय करलेना !
    जितनी भरी है पोटली,
    जरा खाली करलेना !

    मिलेगी किसीको
    फिर तुझसे नदिया भी !
    खुशी से फिर गुजरेगी,
    तेरी सदिया भी !

    मिलजाएगी मंजिल तो,
    रुकना जरासा !
    क्योंकी हमेशा है बढ़ना,
    और आगे जरासा !

    - उलुपी

    Photo by Roman Pohorecki from Pexels Thanks !

  • इक गुफ्तगू !

    इश्क़ में दान करना पड़ता है, जां को हलकान करना पड़ता है।

    और तजुर्बा मुफ्त में नहीं मिलता, पहले नुकसान करना पड़ता है।

    उसकी बे लब्ज गुफ़्तगू के लिये, आंख को कान करना पड़ता है।

    फिर उदासी के भी तक़ाज़े हैं, घर को बीरान करना पड़ता है।

    – मेहशार आफरीदी

    इश्क़ में समर्पण हो, तो जान कुर्बान ही सही !

    कीमती तजुर्बे को किया वक्त दान , तो कोई नुकसान नहीं!

    खामोशी से गुफ्तगू हो, तो आंखों और कानों का भी काम नहीं!

    उदासी आनी है, अधूरी इच्छाओं से !

    इश्क एहम के पार हो, तो ना दिखेगा घरका एक भी कोना बीरान कहीं !

    – उलुपी

    Photo by Thought Catalog from Pexels

  • सुनो !

    अंधेरे को रोशनी से भर देना..

    किसी चांद को मुट्ठी मे रख लेना !

    रोते हुए बस यूंही हस देना..

    मिठाई सी बातों को चख लेना !

    घुस्से मे प्यार भी कर कर देना..

    तीखासा मरहम लगा लेना !

    नाराजी में राजी करवा देना..

    शायरी से इस दिल को समझा लेना !

    कभी रूठे, तो फिर ना दगा देना..

    कुछ उलझे, तो सबकुछ सुलझा लेना!

    भटके तो रास्ता दिखा देना..

    कभी चाहो, तो ये दिल तुम रख लेना।

    – उलुपी

    Something about this poem :-

    This poem is the conversation between a couple. In which one partner is asking other to understand and transform an uncomfortable or distressing situation into a happy one ! Both are telling each other, to live the problem or emotional up and downs and find a solution to it, rather than leaving each other !

    Thanks for the pic !

    https://unsplash.com/photos/zU-8F8-Q5BY?utm_source=unsplash&utm_medium=referral&utm_content=creditShareLink

  • गुरवे नमः !

    देह चालतोय अनेक वाटा ,

    नाम ते भागविते , तृष्णा ह्याची !

    पार करतोय अनेक लाटा ,

    तो दाखवितो मार्ग , आहे कृष्णा ज्याची !

    काढतोय माझ्या पायातील काटा ,

    शक्तीचा उगम आहे छाया त्याची !

    मनातील निघतो कुडा कचाटा ,

    स्मरण ती होता , रूपं याची !

    गुरु माऊली जरा बसा या पाटा ,

    चरणी वाहते प्रेम भावना साऱ्याची !

    मन असे भानी , या मध्ये तुमचाच वाटा ,

    गुरु तत्वाचा आशिष देई, शक्ती जगण्याची !

    – उलुपी

    गुरु पौर्णिमेच्या हार्दिक शुभेच्छा !

    गोकुलेंद्रसरस्वत्ये नमः 🙏

    Every human, experience, creature any thing we meet, see, hear, touch, imagine has this Guru Tatva in it . We learn something or other from everyone ! The most important guru tatva is ‘our instinct’ to chose or decide, to accept that knowledge or teaching from them ! This one poem is dedicated to my spiritual Guru 🙏 and to all the Gurus who intended to teach me something so that I become better than yesterday and taught me to learn, live , love, express through art or work ! And this is also dedicated to the ones who never intended to teach me but the Guru Tatva in them gave me directions through experiences and action reactions !

    I bow down to all the Gurus and Gurutatva ☺️🙏

  • कैसे ना मुड़ते ?
    P.S. : Please use head phones 🙈

    प्यार भरी आवाज़ की पुकार थी, कैसे ना मुड़ते ?

    मद भरी निगाहों की पुकार थी, कैसे ना मुड़ते ?

    किस नज़ारे पे अटकी थी नजर ?

    ये देखने की चाह थी, कैसे ना मुड़ते ?

    क्या मेरे मुस्कान से आंखों में थी कोई चमक?

    ये देखने की चाह थी, तो कैसे ना मुड़ते ?

    सागर जो आंखों में ना समा रहा था ,

    उसके दिल में बसजाने की राह थी, तो कैसे ना मुड़ते ?

    किनारा जो डूबने से बचा रहा था,

    उस तक जा, नज़ारे के मजे लेने की राह थी यार ,

    तो कैसे ना मुड़ते ?

    तो बताओ , उनकी एक पुकार से हम कैसे ना मुड़ते ?

    • उलुपी
  • चाबी मिली तो बताना 🙈
    खुला महल या बंद बगीचा ? बस दरवाज़े खुल जाए 🌼
  • हाथो में हाथ ❤️
    प्यार ❤️

  • Dear Trust ✨
  • आत्मनिर्भर !
    🖤
  • ऐ जिंदगी !
    🌸
  • जमीं और आसमां ✨
    क्षितिज एक छलावा है ✨

    Horizon is a Mirage ✨

    Earth is protecting many .. but it can meet the sky only when it reaches the heights of sky. Sky is giving shelter to many but it can meet Earth only when it liquifies, changes its original state and rains over land . Earth and sky meeting at horizon is just a mirage.

    I am trying to say here that to really meet someone or our goals, either we have to overcome our own insecurities and reach those heights mentally. Or if we achieve what we are supposed to according to our decision we will meet the sky that we are waiting for. But also if we put ourselves in place of sky then sometimes to reach some one who is low or not low but just at his place we have to melt our states a bit by reducing our ego, we can then rain over what we want and we can meet whom we want to meet ✨… While horizon is just an imagination of meeting of Earth and Sky . It gives us momentory poetic pleasure of them being together but that is not a reality. Both have to move to reach out to eachother ✨

  • शिद्दत 🖤
    🖤

    When we are not able to understand whatever is happening . Whether it is a consequence of our own doing or it has just occurred as a change …

    In any case we should live it to our fullest. With our hundred percent attention to what we are doing at that moment. If we are completely conscious while living and if we love ourselves and our work with a virtuous cause aligned to it . If we love ourselves unconditionally and try our best to fulfil our wishes which are good for our surroundings. Then that’s what I will say is living with power . And if we are ready to live with this hardship and power with emense trust in an universe, the life which is throwing such consequences at us will herself be surprised and life’s understanding will be amazed even when we are not able to understand what’s happening !

  • और दिल पिघल गया 🙈
    चेहरे की खूबसूरती जो हमने देखी
    जरूरी नहीं हर कोई समझे ..
    जो खूबसूरती हम देख रहे है
    वो तो आपके रूह और खयालों से होकर गुजरी है ..
    चांद जला है जरूर पर
    आपके चेहरे से झलकते उस तेज से..
    जो मुझ जैसे अंधे को भी
    जन्नत दिखा जाए।
    गम तो है के वो रात निगल गया
    पर खुशी है के हमारा दिल पिघल गया 🙈
  • नदी मै 💙
    जहां खो गए हैं बस उसी जगह को जहां मान ले तो ? शायद सारा जहां ही मिल जाए ।
    राही खुद ही तो राह है मंजिल तक जाने की ..
    हर मोड़ पर एक राही खड़ा है देर है बस वहां थम जाने की ..
    मंजिल तक जाओगे गर संभलते संभलते..
    फिर किसी राही से मिल पाओगे यूंही चलते चलते…
    पा जाओगे खुदको ..
    और खो जाओगे मंजिल में बहते बहते 🌸
  • बालपण 🍬
    🍭
  • परिस्थिती 🍂
    🌼
  • कधी तू कधी मी !

  • आंब्याची शेवटची फोड ✨
    🥭

  • तू है तो जहान है !
    🌼

  • चांद !

    🌚
  • She is all colours 🌼
    She loves her all colours 🌼

    I Tried Coloured pencil sketch 🎨 … 

    Didn’t write any poem .. felt like she herself is a poem …poem full of colours, wisdom, hope, love, sacrifice, patience, Energy, equality, discipline, motherhood,devotion, independence. She is you !

    Irrespective of gender, species,thing …she is that energy which resides everywhere ..she is you ..She Is Us 🌼

  • रोशनी।
    Good morning 🌞
  • एक खयाल..

  • ये पल तेरा 🍁
    बस ये पल है तेरा 🍁

    कल जो था
    कल जो होगा
    सब है वक्त का फेरा …
    बस ये पल है तेरा।

    तू बना जिस शक्ति से
    उसीसे बना है हर ज़र्रा
    तो क्या तेरा क्या मेरा…
    बस ये पल ही है तेरा।

    बुराई को हराता
    अच्छाई से संभलता
    गर तू उम्मिदों का है डेरा…
    तो ये पल जरूर है तेरा।

    भावना और संयम के
    बहते संगम पे गर
    तू कर्म की नाव में तैरा…
    तो ये क्या हर पल है तेरा।

                       ~ उलुपी
  • थोड़ा ठहर ।
    आज घरोंदे में रुके हर परिंदे के नाम और उसकी हर उड़ान के नाम 🕊️
  • 🌼
  • इंतजार !
    🌼

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