Hindi poem

कोई तो आसपास रहता है !

कोई हवाओं की तरह बहता है ।कोई दीवारों की कानो में कहता है ।कोई बन्द दरवाजों में सहता है ।आसपास कोई रहता है ! कोई पास होकर भी जूदा रहता है ।कोई दूर होकर भी जुड़ा रहता है ।कोई अपने में ही मस्त रहता है ।आसपास कोई रहता है ! कोई तुम्हे पाने बहता है… Continue reading कोई तो आसपास रहता है !