Hindi poem

क़यामत तक !

आपके वो पहले दीदार से शुरू हुई एक हसीन दास्तां ..शब्द कम पड़ने लगे, दास्ता सुनाते सुनाते ..वो आपका आपकी पलकों को हौले से उठाना, हया मेरी चेहरे पे छोड दिया करता था ! आपकी उस शरारत भरी हसी से मेरा दिन गुजरा करता था !वो आपका हलके से मेरे करीब से गुजरना दिल की… Continue reading क़यामत तक !

Hindi poem

अफसाना !

कई बार यूं होता है कि,अफसाना बातों मै गुम होता है । कभी यादों में घुटता है ।कभी रिवाजों में बंधता है । कई बार यूं होता है कि,सन्नाटों में टहलता है । कभी हालातों से बहलता है ।कभी डर से और पनपता है । कभी यूं भी होता है कि,इरादे से डर जाता है… Continue reading अफसाना !

Hindi poem

इक गुफ्तगू !

इश्क़ में दान करना पड़ता है, जां को हलकान करना पड़ता है। और तजुर्बा मुफ्त में नहीं मिलता, पहले नुकसान करना पड़ता है। उसकी बे लब्ज गुफ़्तगू के लिये, आंख को कान करना पड़ता है। फिर उदासी के भी तक़ाज़े हैं, घर को बीरान करना पड़ता है। - मेहशार आफरीदी इश्क़ में समर्पण हो, तो… Continue reading इक गुफ्तगू !

Hindi poem

कैसे ना मुड़ते ?

P.S. : Please use head phones 🙈 प्यार भरी आवाज़ की पुकार थी, कैसे ना मुड़ते ? मद भरी निगाहों की पुकार थी, कैसे ना मुड़ते ? किस नज़ारे पे अटकी थी नजर ? ये देखने की चाह थी, कैसे ना मुड़ते ? क्या मेरे मुस्कान से आंखों में थी कोई चमक? ये देखने की… Continue reading कैसे ना मुड़ते ?

#shayari

और दिल पिघल गया 🙈

चेहरे की खूबसूरती जो हमने देखीजरूरी नहीं हर कोई समझे ..जो खूबसूरती हम देख रहे हैवो तो आपके रूह और खयालों से होकर गुजरी है ..चांद जला है जरूर परआपके चेहरे से झलकते उस तेज से..जो मुझ जैसे अंधे को भीजन्नत दिखा जाए।गम तो है के वो रात निगल गयापर खुशी है के हमारा दिल… Continue reading और दिल पिघल गया 🙈

#shayari

नदी मै 💙

जहां खो गए हैं बस उसी जगह को जहां मान ले तो ? शायद सारा जहां ही मिल जाए । राही खुद ही तो राह है मंजिल तक जाने की ..हर मोड़ पर एक राही खड़ा है देर है बस वहां थम जाने की ..मंजिल तक जाओगे गर संभलते संभलते.. फिर किसी राही से मिल… Continue reading नदी मै 💙