Hindi poem

शक्ति !

तू प्रेम है, तू मुक्ति है !कार्य की तू शक्ति है !बुद्धि, धैर्य, तू भक्ति है !तू छिनती आसक्ति है !मातृत्व की अभिव्यक्ति है !लक्ष्मी को जनती युक्ति है !आत्मबल की योगिनीतू योनी का सम्मान है !अष्टभुजा फलदायिनी,तू संसार का अभिमान है !भेद क्या इसे स्त्री, पुरुष का ?कण कण में विराजी शक्ति है !नाश… Continue reading शक्ति !

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नारी !

नरक से भी बत्तर है,जहा नारी का सम्मान नही ! नारी तेरी जननी है ! वासना का सामान नही ! जैसी तेरी करनी है,वहा क्षमा का कोई स्थान नहीं ! बन जाएगी काली गर,उस मंजर से तू अनजान नहीं ! अभीभी समय है बदलजाक्या मा का प्यार याद नहीं ? स्त्रीत्व अंश तुझमें भी है… Continue reading नारी !

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कोई तो आसपास रहता है !

कोई हवाओं की तरह बहता है ।कोई दीवारों की कानो में कहता है ।कोई बन्द दरवाजों में सहता है ।आसपास कोई रहता है ! कोई पास होकर भी जूदा रहता है ।कोई दूर होकर भी जुड़ा रहता है ।कोई अपने में ही मस्त रहता है ।आसपास कोई रहता है ! कोई तुम्हे पाने बहता है… Continue reading कोई तो आसपास रहता है !

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अफसाना !

कई बार यूं होता है कि,अफसाना बातों मै गुम होता है । कभी यादों में घुटता है ।कभी रिवाजों में बंधता है । कई बार यूं होता है कि,सन्नाटों में टहलता है । कभी हालातों से बहलता है ।कभी डर से और पनपता है । कभी यूं भी होता है कि,इरादे से डर जाता है… Continue reading अफसाना !

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कहां चला ?

चला है यूं आंखों में,मंजर तू लेके !दिल की पोटली में,समंदर सा लेके ! किस नज़ारे की तरफहै बढ़ता चला तू ?क्यों समंदर में डूबने कीसाजिश में है तू ? संभालना, कहीं नानजरिए डूबा दे !गहराई से बचनाना जरिए दगा दे ! किस मोड़ पे थमना,ये तय करलेना !जितनी भरी है पोटली,जरा खाली करलेना !… Continue reading कहां चला ?

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इक गुफ्तगू !

इश्क़ में दान करना पड़ता है, जां को हलकान करना पड़ता है। और तजुर्बा मुफ्त में नहीं मिलता, पहले नुकसान करना पड़ता है। उसकी बे लब्ज गुफ़्तगू के लिये, आंख को कान करना पड़ता है। फिर उदासी के भी तक़ाज़े हैं, घर को बीरान करना पड़ता है। - मेहशार आफरीदी इश्क़ में समर्पण हो, तो… Continue reading इक गुफ्तगू !

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कैसे ना मुड़ते ?

P.S. : Please use head phones 🙈 प्यार भरी आवाज़ की पुकार थी, कैसे ना मुड़ते ? मद भरी निगाहों की पुकार थी, कैसे ना मुड़ते ? किस नज़ारे पे अटकी थी नजर ? ये देखने की चाह थी, कैसे ना मुड़ते ? क्या मेरे मुस्कान से आंखों में थी कोई चमक? ये देखने की… Continue reading कैसे ना मुड़ते ?

#shayari

जमीं और आसमां ✨

क्षितिज एक छलावा है ✨ Horizon is a Mirage ✨ Earth is protecting many .. but it can meet the sky only when it reaches the heights of sky. Sky is giving shelter to many but it can meet Earth only when it liquifies, changes its original state and rains over land . Earth and… Continue reading जमीं और आसमां ✨

#shayari

और दिल पिघल गया 🙈

चेहरे की खूबसूरती जो हमने देखीजरूरी नहीं हर कोई समझे ..जो खूबसूरती हम देख रहे हैवो तो आपके रूह और खयालों से होकर गुजरी है ..चांद जला है जरूर परआपके चेहरे से झलकते उस तेज से..जो मुझ जैसे अंधे को भीजन्नत दिखा जाए।गम तो है के वो रात निगल गयापर खुशी है के हमारा दिल… Continue reading और दिल पिघल गया 🙈

#shayari

नदी मै 💙

जहां खो गए हैं बस उसी जगह को जहां मान ले तो ? शायद सारा जहां ही मिल जाए । राही खुद ही तो राह है मंजिल तक जाने की ..हर मोड़ पर एक राही खड़ा है देर है बस वहां थम जाने की ..मंजिल तक जाओगे गर संभलते संभलते.. फिर किसी राही से मिल… Continue reading नदी मै 💙