Hindi poem

कैसे ना मुड़ते ?

P.S. : Please use head phones 🙈 प्यार भरी आवाज़ की पुकार थी, कैसे ना मुड़ते ? मद भरी निगाहों की पुकार थी, कैसे ना मुड़ते ? किस नज़ारे पे अटकी थी नजर ? ये देखने की चाह थी, कैसे ना मुड़ते ? क्या मेरे मुस्कान से आंखों में थी कोई चमक? ये देखने की… Continue reading कैसे ना मुड़ते ?